मिशन

** परिषद् का संदेश **

जात पात का भेद भाव इंकार है, प्रांतवाद का भेदभाव बेकार है | हम सब भारतवासी है हमें भारत से प्यार है, वासी-प्रवासी-अप्रवासी की एकता यही हमारा विचार है |

 भारत के प्रत्येक राज्य में रह रहे प्रवासियों (परप्रांतीयो) की गणना अलग से हो और प्रत्येक राज्य में प्रवासी सहायता केंद्र बने क्योंकि ऐसा लगता है किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री जी से यह सवाल किया जाए की आपके राज्य में कितने प्रवासी रहते है तो राज्य सरकार को जवाब देना मुश्किल होगा जबकी इन्ही प्रवासियों (परप्रांतीयो) जैसे पूर्वांचली, उत्तरांचली, आसामी, ओडिया, मणिपुरी, अरुणांचली, कर्णाटक इत्यादि प्रदेश के नागरिको के सहयोग से राज्य सरकार व देश का विकास होता है और राज्य की सरकार बनती है जिसका नतीजा साफ़-साफ़ दिख रहा है | यदि हम भारतवासी या भारतीय नागरिक हैं तो माइग्रेशन व डोमिसाइल की जरुरत क्या है और यदि जरुरत है तो प्रवासियों (परप्रांतीयो) की गणना पूरी क्यों नहीं हैं |

भारतीय प्रवासी परिषद् के उद्देश्य / मांग

  • भारत के प्रत्येक राज्य में भारतीय प्रवासियों (परप्रांतीयो) की गणना अलग से हो क्योंकि ऐसा लगता है की किसी भी राज्य सरकार के व्यक्ति से यदि ये सवाल किया जाये की आपके राज्य में कितने भारतीय प्रवासी (परप्रांतीय)  रहते हैं तो राज्य सरकार के व्यक्ति को जवाब देना मुश्किल हो गाजब कि इन्ही भारतीय नागरिकों के सहयोग से राज्य और देश का विकास होता है और राज्य की सरकार बनती और बिगड़ती है |  जिसका नतीजा आज साफ़ साफ़ दिख रहा है |  और संविधान में माइग्रेशन / डोमिसेइल सर्टिफिकेट का प्रावधान भी है |
  • भारत के प्रत्येक राज्य में प्रवासी सूचना केंद्र / प्रवासी सहायता केंद्र खुलना चाहिए जो केंद्र सरकार के आधीन हो जिसमे प्रत्येक भारतीय प्रवासी (परप्रांतीय) का मैग्रेसन (प्रवासी/परप्रांतीय) सर्टिफिकेट एवं डोमिसाइल (मूलनिवास) सर्टिफिकेट प्रवासी सूचना केंद्र / प्रवासी सहायता केंद्र से एक वर्ष के अंदर बनाया जाये ताकि केंद्रीय प्रशासन से मदद मिल सके व अत्याचारी व अराजकतत्वों का मनोबल न बड़ सके और जल्द से जल्द अराजकतत्वों को सबक मिल सके और राज्य सरकार के प्रशासनिक रवैये का एकछत्र राज्य खत्म हो सके। जिससे व्यापारियों,कामगारों, व सामाजिक कार्य करने वालों को कठिनाई का सामना न करना पड़े।
  • भारत के प्रत्येक राज्य में कामगारों, तकनीकि विदो, मजदूरों व ऑटोरिक्शा चालक व फेरीवालों व कमजोर और गरीबों के लिए भारतीय प्रवासी (परप्रांतीय) आवासीय योजना का निर्माण हो जिससे झुग्गी झोंपड़ी में रहने वालो को उचित स्थान मिल सके और नई झुग्गी झोंपड़ी का निर्माण न हो सके ।इस के लिए भारत सरकार से मांग करना।
  • भारत के प्रत्येक राज्य में स्थानीयवासी एवं भारतीय प्रवासियों (परप्रांतीयो) का राशन कार्ड , वोटर कार्ड , आधार कार्ड , बीपीएलकार्ड, स्मार्ट कार्ड, पेंशन कार्ड व अन्य सुविधाओं के कार्ड के लिए सरलता लाई जाये तथा इतने कार्ड की बजाये एक कार्ड बनाया जाये जिसमे सारे कार्ड का कोड हो जिससे सारे कार्य का निवारण हों सके इसके लिए भारत सरकार से मांग करना | 
  • भारत के प्रत्येक राज्य के प्रत्येक धर्म को महत्व मिलना चाहिए और उनके मुख्य पर्व के दिन राज्य सरकार से अवकाश की घोषणा होनी चाहिए।इसके लिए भारत सरकार से मांग करना। 
  • भारत के प्रत्येक राज्य की सरकारी व अर्धसरकारी संस्थानों में भारतीय प्रवासियों को भागीदारी का मौका मिलना चाहिए।चाहे वो किसी भी राज्य का हो इस के लिए भारत सरकार से अधिकार प्राप्ति की मांग करना। 
  • भारतीय प्रवासियों (परप्रांतीयो) / आप्रवासियों को जो अन्य देश व प्रदेश में रहते हैं उनका मान सम्मान बढ़ाना तथा उनके द्वारा भारत देश की अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी  के प्रयास  के  लिए भारत  सरकार की ओर से उनको  पुरस्कार और सम्मान देने  के  लिए मांग करना।